मेरे मन में एक बहस बहुत बार चल चुकी है। एक बात मुझे वर्षों सेे खटकती है कि क्या हमारे देश का संवैधानिक नाम ‘इंडिया दैट इज भारत’ उचित है? क्या इस नाम से हमारे देश की स्वाधीनता दागदार नहीं दिखती? क्या यह नाम एक स्वयंभू राष्ट्र का नाम प्रतीत होता है? इंडिया किसके लिये? फिर दैट इज भारत? हम किसे बताना चाहते हैं कि ‘ इंडिया वह जो कि भारत है।’ आखिर किसी देश का ऐसा नाम हो सकता है जो अपने नाम में स्वयं के प्रति शंका उत्पन्न करता है?
क्या ऐसे नाम को बदलने के लिए एक मुहिम नहीं चलाई जानी चाहिए? यदि हां तो मैं निवेदन करूंगा कि आप अपने विचार दें जो मार्ग प्रशस्त कर सकें हमारे देश की स्वाधीनता को बेदाग करने के लिए। आपके विचार एक दस्तावेज बन जाएंगे और शायद इतिहास रच सकें।
पुनश्चः जब शहरों तथा राज्यों के नाम राजनीतिक कारणों से भी परिवर्तित किए जा सकते हैं तो राष्ट्रधर्मिता के लिए, देश के स्वाभिमान के लिए देश का गलत तथा परायों द्वारा थोपा गया नाम क्यों नहीं बदला जा सकता?
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